
CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों के बाद शुरू हुआ छात्रों का असंतोष अब शिक्षा मंत्रालय के दरवाजे तक पहुंच गया है। आंसरशीट में कथित गड़बड़ियों, कम अंक दिए जाने और मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवालों के बीच मंत्रालय ने OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) टेंडर को लेकर बोर्ड से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने पूरे प्रकरण की समीक्षा शुरू कर दी है।
इधर, लाखों छात्रों को राहत देते हुए CBSE ने रीवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया है। बोर्ड का दावा है कि पोर्टल पर अनधिकृत हस्तक्षेप की कोशिश हुई थी, जिसके कारण तकनीकी बाधाएं आईं।
इस विवाद के केंद्र में है हैदराबाद की कोएम्प्ट एडुटेक, जिसे परीक्षा शुरू होने से महज 74 दिन पहले डिजिटल मूल्यांकन का टेंडर दिया गया था। कंपनी का नाम पहले ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज था और 2019 में तेलंगाना इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी यह विवादों में रह चुकी है।
दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव की रीवैल्यूएशन शिकायत और रांची के 17 वर्षीय सार्थक सिद्धांत द्वारा 576 दस्तावेजों के अध्ययन के बाद सामने आए तथ्यों ने इस पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। छात्रों की पहल ने न केवल मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए, बल्कि टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।
अब निगाहें शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला केवल अंकों का नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी स्कूली परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है।
यूथ कांग्रेस का आंदोलन
इंडियन यूथ कांग्रेस ने पूरे देश में प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क और घेराव जैसे कार्यक्रम होंगे।
CBSE का बयान
बोर्ड ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही।
13 मई: 12वीं के नतीजे घोषित
19 मई: पोर्टल खोला गया, लेकिन क्रैश हो गया
25 मई: IITs से मदद मांगी गई
1-2 जून: पोर्टल में दिक्कत, फिर लाइव
