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ओडेसा में रूसी हमले में 4 भारतीयों की मौत, भारत ने रूसी राजनयिक को किया तलब

हाल के हफ्तों में पश्चिम एशिया युद्ध में भारतीयों के मारे जाने की सूचनाएं तो लगातार आ रही है वहीं यूक्रेन-रूस युद्ध में भी अभी तक भारतीय मारे जा रहे हैं। भारत सरकार लगातार इन घटनाओं पर अपनी चिंता जता रही है।

इस क्रम में मंगलवार को भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थिति रूसी दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक को विदेश मंत्रालय में तलब किया और एक दिन पहले यूक्रेन के ओडीसा पोर्ट के पास एक हमले में चार भारतीयों की मौत पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। सरकार ने इस घटना पर रूस से जवाब मांगा है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।

ओडेसा में रूसी हमले में चार भारतीयों की मौत
एमईए ने कहा है कि रूसी राजनयिक को कहा गया है कि वह संबंधित अधिकारियों तक भारत की चिंताओंको पहुंचा दे कि वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले और इससे निर्दोष नागरिकों की हत्या अस्वीकार्य है और इस तरह की घटनाओं को हर हाल में टाला जाना चाहिए।

भारत सरकार पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी और ईरानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तलब किया था। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान अमेरिका और ईरान के हमलों में भारतीयों की मौतों को लेकर यह कदम उठाया गया था।

पिछले हफ्ते एमईए के उच्चपदस्थ अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया विवाद में अभी तक 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है जबकि तीन लापता हैं।

अधिकांश मौतें भारतीय नाविकों की हुई है जो दुनिया के विभिन्न शिपिंग कंपनियों में तैनात हैं। जहाजरानी मंत्रालय ने पिछले दिनों ने बताया था कि वैश्विक जहाजरानी उद्योग में 13 फीसद भारतीय कार्यरत हैं।

भारत ने रूसी राजनयिक को तलब कर चिंता जताई
एक दिन पहले ओडिसा (यूक्रेनी पोर्ट) के पास रूसी मिसाइल के हमले में भारतीयों की मौत भी जहाज पर हुए हमले में हुई है। यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध में काफी संख्या में भारतीयों की मौत हुई है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि रूसी सेना में भर्ती हुए 49 भारतीयों की मौत हो चुकी है।

युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन-रूस संघर्ष में कई भारतीय फंस गए, कुछ को जबरन भर्ती का सामना करना पड़ा और कई शहीद हो गए। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद इस क्षेत्र के नागरिकों की सबसे ज्यादा मौत हुई है, लेकिन इस क्षेत्र के बाहर सबसे ज्यादा मौतें भारतीयों की हुई है। यूक्रेन-रूस युद्ध से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष तक हर जगह भारतीयों की जानें गई हैं, जो सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

 

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