नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना शुरू किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नेताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया और उन्हें बिना स्पष्ट जानकारी दिए दूसरी जगह ले जाया गया।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सवालों से बचने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और राहुल गांधी के बीच बातचीत भी हुई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और जब तक इस पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दूसरी ओर, राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जल्द खत्म होगा या नहीं। फिलहाल कांग्रेस अपने रुख पर कायम दिखाई दे रही है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाने के संकेत दे रही है।
