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हजरत बाबा ताजुद्दीन के 104वें उर्स की शुरुआत, देशभर से पहुंचने लगे जायरीन, 19 जुलाई तक उर्स

नागपुर। हजरत बाबा सैयद मोहम्मद ताजुद्दीन रहमतुल्लाह अलैह के 104वें सालाना उर्स का शुभारंभ बुधवार को पारंपरिक परचम कुशाई की रस्म के साथ हुआ। इस दौरान हजारों अकीदतमंदों ने बाबा के परचम का दीदार कर उसे चूमते हुए अपनी अकीदत पेश की और देश में अमन, भाईचारे व खुशहाली की दुआएं मांगीं। उर्स के लिए देश के विभिन्न राज्यों से जायरीन ताजाबाद पहुंचने लगे हैं। यह धार्मिक आयोजन 19 जुलाई तक चलेगा।

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हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट की ओर से आयोजित उर्स के लिए दरगाह परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। आयोजन की शुरुआत ट्रस्ट कार्यालय में आयोजित शमा महफिल से हुई, जहां मशहूर कव्वालों ने बाबा की शान में सूफियाना कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। इसके बाद दस्तारबंदी की रस्म अदा की गई, जिसमें ट्रस्ट के पदाधिकारी, सज्जादानशीन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

इसके बाद ट्रस्ट कार्यालय से परचम जुलूस दरगाह परिसर पहुंचा। सज्जादानशीन सैयद यूसुफ इकबाल ताजी की सरपरस्ती में श्रीमंत पंचम राजे रघुजी भोसले ने परंपरागत परचम कुशाई की रस्म निभाई। रस्म के बाद सलातो-सलाम पढ़ा गया और देश की शांति, तरक्की तथा आपसी सौहार्द के लिए सामूहिक दुआ की गई।

उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक और सामाजिक हस्तियां रहीं मौजूद

परचम कुशाई के बाद ताजाबाद परिसर में उर्स का औपचारिक उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त वसंत के. परदेशी, पुलिस आयुक्त रश्मिता राव, पूर्व मंत्री शिवाजीराव मोघे, मुफ्ती अब्दुल कदीर खान, नगरसेविका तस्नीम खान सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

गरीब बच्चों के लिए शुरू होगा CBSE स्कूल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे जिया खान ने कहा कि उर्स का सफल आयोजन प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और समाज के सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है। इसी कड़ी में ताजाबाद क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए सीबीएसई पैटर्न पर आधारित स्कूल शुरू करने की योजना बनाई गई है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

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