क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मणिपुर थाना पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल फोन, डायरी सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, इंदरपुर निवासी विद्याचरण राव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के त्रिपाल टोप्पो के माध्यम से उसकी मुलाकात उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से हुई। राजकुमार ने उसे बिटगेट वॉलेट नामक क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म में निवेश करने पर एक वर्ष में 10 हजार रुपये के बदले एक लाख रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद 19 जुलाई को अंबिकापुर स्थित होटल फिल आनंदम में आयोजित सेमिनार के दौरान प्रार्थी से 10 हजार रुपये नकद लेकर निवेश कराया गया।
शिकायत के आधार पर थाना मणिपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने कांता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिलासपुर निवासी त्रिभुवन साहू और रमाशंकर साहू से जुड़े थे तथा सेमिनार आयोजित कर लोगों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश के लिए प्रेरित करते थे। नए निवेशकों से नकद एवं ऑनलाइन राशि लेकर उन्हें अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया जाता था। पुलिस के अनुसार, होटल फिल आनंदम में आयोजित सेमिनार में कई लोगों को इस योजना से जोडऩे का प्रयास किया गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लैपटॉप, लैपटॉप बैग, चार्जर, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल, तीन डायरी, एक नोटबुक तथा एक टी-शर्ट जब्त की है। जांच के दौरान ठगी के साक्ष्य मिलने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 317(4) भी जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि इस तरह के सेमिनार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों में भी आयोजित किए गए हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में किसी भी अप्रमाणित या भ्रामक ऑनलाइन ऐप अथवा निवेश योजना में धन निवेश न करें। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।
