बिलासपुर

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने AMRUT 2.0 के शैलो एक्वीफर मैनेजमेंट कार्यक्रम की समीक्षा की

भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में AMRUT मिशन एवं राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत संचालित शैलो एक्वीफर मैनेजमेंट (एस ए एम) कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती ईशा कालिया, AMRUT मिशन के निदेशकगण तथा NIUA के जल एवं पर्यावरण कार्यक्रम विशेषज्ञ सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने 20 जुलाई को आयोजित 75 एस ए एम शहरों के राष्ट्रीय संवाद के प्रमुख निष्कर्षों तथा कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शहरों में हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।

समीक्षा के दौरान श्री साहू ने एस ए एम 1.0 के अनुभवों एवं उपलब्धियों का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच दस AMRUT शहरों में पायलट रूप में संचालित इस कार्यक्रम से भूजल स्तर में सुधार, संस्थागत क्षमता निर्माण तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता मिली, जिसके आधार पर इसे एस ए एम 2.0 के रूप में देशभर के 75 शहरी स्थानीय निकायों तक विस्तारित किया गया है।

अधिकारियों ने अवगत कराया कि एस ए एम 2.0 के अंतर्गत अब तक 870 स्थलों का भूजल मानचित्रण किया जा चुका है तथा लगभग ₹28.5 करोड़ लागत की 539 विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए गए हैं, जिनके माध्यम से वैज्ञानिक भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।

कार्यक्रम की प्रगति की सराहना करते हुए श्री साहू ने कहा कि भारत में जल संरक्षण की रणनीति में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक एवं स्थानीय जल संरक्षण प्रणालियों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समुदाय आधारित पारंपरिक जल संरक्षण उपायों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

श्री साहू ने छत्तीसगढ़ के रायपुर, कोरबा एवं बेमेतरा में संचालित एस ए एम 2.0 कार्यक्रम की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तकनीकी परीक्षण एवं प्रशासनिक स्वीकृति के उपरांत मस्तुरी एवं बिल्हा जैसे जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों को भी भविष्य में इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किए जाने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन’ अभियान को जनआंदोलन बनाने के आह्वान का उल्लेख करते हुए श्री साहू ने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में स्थानीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों , रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों , शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य स्थानीय संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता ही जल संरक्षण कार्यक्रमों की दीर्घकालिक सफलता की आधारशिला है।

उन्होंने अधिकारियों को एस ए एम परियोजनाओं की नियमित निगरानी, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों का दस्तावेजीकरण, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का संकलन, वर्तमान मानसून अवधि में भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाने तथा देशभर में लागू किए जा सकने वाले नवाचार आधारित मॉडल विकसित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल ने श्री साहू से शिष्टाचार भेंट कर राज्य में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में राज्य में संचालित शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति तथा केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। श्री साहू ने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रभावी निगरानी एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि शहरी विकास कार्यक्रमों का लाभ आम नागरिकों तक शीघ्र एवं प्रभावी रूप से पहुँच सके।

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