चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस की डेडलाइन 7 दिन बढ़ा दी है। संभावना जताई जा रही है कि, कल से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में एसआईआर मुद्दे पर भारी हंगामा होने की संभावना है।
चुनाव आयोग ने आज जारी तीन पन्नों के आदेश में कहा कि उसने चुनाव अधिकारियों को मतदाताओं की मसौदा सूची प्रकाशित करने के लिए एक सप्ताह का और समय दिया है। गणना की अवधि 11 दिसंबर को समाप्त होगी। पहले यह 4 दिसंबर तक निर्धारित की गई थी।
नए आदेश में चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची का मसौदा जो 9 दिसंबर को जारी किया जाना था, 16 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा और अंतिम सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इस मसले पर तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने इस सप्ताह दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी और चुनाव आयोग से एसआईआर प्रक्रिया को पुनर्निर्धारित करने का आग्रह किया था।
चुनाव आयोग क्यों लिया ये फैसला
इस फैसले के बाद 12 राज्यों में SIR अब 11 दिसंबर तक अपडेट किया जा सकता है। इस संशोधन का असर राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात में दिखेगा। इसके अलावा केरल, गोवा, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में भी इस फैसले का असर नजर आएगा। अब वोटर लिस्ट रिविजन से जुड़े सभी फेज नई तारीखों के अनुसार पूरे किए जाएंगे।
