अन्यदेश

RBI के खजाने से 8.70 करोड़ की चोरी : 15 साल पुराने कर्मचारी ने रची ऐसी साजिश, एक गलती से खुल गया राज

अहमदाबाद से बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। यहां रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के लिए सुरक्षित रखे गए कैश में से करीब 8 करोड़ 70 लाख रुपये चोरी होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी चोरी किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि बैंक के ही एक कर्मचारी ने की। आरोपी पिछले करीब 15 साल से उसी शाखा में काम कर रहा था और बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी होने का फायदा उठाकर उसने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने जनवरी महीने में सफाई के बहाने खजाने तक पहुंच बनाई। इसी दौरान उसने वहां रखे नोटों को कचरे के डिब्बों में भरकर बाहर निकालना शुरू किया। बैंक का पुराना कर्मचारी होने की वजह से किसी को उस पर शक नहीं हुआ। आरोपी को यह भी पता था कि CCTV फुटेज तय समय के बाद अपने आप हट जाते हैं। इसी वजह से चोरी के बाद भी वह कई दिनों तक सामान्य तरीके से ड्यूटी करता रहा, ताकि किसी को संदेह न हो।

कुछ समय बाद आरोपी ने छुट्टी ली और अचानक गायब हो गया। जांच में सामने आया कि चोरी के पैसों से उसने अपनी लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल ली थी। उसने नई संपत्ति खरीदी, महंगी गाड़ी ली और अलग-अलग जगहों पर निवेश भी किया। पुलिस को शुरुआती जांच में यह भी जानकारी मिली कि उसने अपने परिचितों को भी बड़ी रकम दी थी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब कैश का नियमित ऑडिट किया गया। रिकॉर्ड और मौजूद रकम में अंतर मिलने के बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई। तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। पुलिस ने दबिश देकर उसके ठिकानों से बड़ी रकम बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बात कबूल कर ली।

फिलहाल पुलिस बाकी रकम का पता लगाने में जुटी है। आरोपी के बैंक खातों, निवेश और खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली वित्तीय व्यवस्था में करोड़ों की चोरी ने सुरक्षा इंतजामों और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Source Link

Related posts

चलती बस से अचानक उठीं चिंगारियां, टला बड़ा हादसा

आप ने बदली सिसोदिया की सीट, पटपड़गंज से लड़ेंगे अवध ओझा

मेडिकल विश्वविद्यालय का विखंडन वापस ले सरकार — जबलपुर की ऐतिहासिक उपलब्धि से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं

Leave a Comment

error: Content is protected !!