

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक कथित AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। वीडियो में उन्हें पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया के साथ दिखाया गया है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे फर्जी व आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। कांग्रेस की शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी होल्डर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वीडियो इंस्टाग्राम के ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’ नामक अकाउंट से साझा किया गया था, जिन्हें बाद में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने की साजिश बताया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया है।
रविवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सोमवार को जिले के अलग-अलग थानों में कुल 8 शिकायतें दर्ज कराई गईं। जामुल, धमधा, अंडा, भिलाई-3, नंदिनी नगर, कुम्हारी, रानीतराई और अन्य इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ता थानें पहुंचे और विरोध जताया।
पुलिस की साइबर टीम वीडियो की तकनीकी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कहां तैयार किया गया, किसने सबसे पहले पोस्ट किया और किन लोगों ने इसे वायरल किया। पुलिस ने जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इधर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने भी मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने दुर्ग पुलिस को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर किसी की छवि खराब करना, खासकर महिलाओं से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बनाना गंभीर अपराध है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
