

रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद रायपुर के अभनपुर थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, अभनपुर में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के ठिकाने पर कार्रवाई के दौरान ED अधिकारियों के साथ विवाद हुआ। एजेंसी की शिकायत पर गोपाल गांधी के भाइयों सत्यनारायण गांधी और जय प्रकाश गांधी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
ED की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि जांच के दौरान डिप्टी डायरेक्टर नीरज कुमार सिंह और उनकी टीम के साथ आरोपियों ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की की तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया रोकने के उद्देश्य से टीम को निशाना बनाया गया।
बताया जा रहा है कि मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 15 घंटे तक जांच कार्रवाई जारी रही। इस दौरान 90 लाख की चांदी, लाखों के सोने के जेवर, नगदी रकम और दस्तावेज जब्त किए गए थे।
स्थानीय पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ED ने यह छापेमारी रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे में कथित अनियमितताओं के सबूत जुटाने के लिए की थी। 27 अप्रैल को रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद समेत कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई थी।
एजेंसी की यह कार्रवाई भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर भी चली है।
