
छत्तीसगढ़ भाजपा के पूर्व युवा नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राजपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष को भेजा है। इस्तीफे में उन्होंने निजी कारणों का उल्लेख किया है, हालांकि उनके इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
रवि भगत लंबे समय तक भाजपा के छात्र और युवा संगठन से जुड़े रहे हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ भाजयुमो के राष्ट्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व भी संभाल चुके हैं। संगठन में उनकी पहचान एक सक्रिय युवा नेता के रूप में रही है।
पिछले कुछ समय से रवि भगत जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद के खर्चों को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से डीएमएफ राशि के उपयोग और उसमें पारदर्शिता की आवश्यकता पर कई बार अपनी राय रखी थी। हालांकि, उनके इस्तीफे में इन मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है और इसे पूरी तरह निजी कारणों से लिया गया फैसला बताया गया है।
फिलहाल भाजपा की ओर से उनके इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को आगामी समय में प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। अब यह देखना होगा कि रवि भगत सक्रिय राजनीति में नई भूमिका निभाते हैं या फिलहाल सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखते हैं।
