बिलासपुर

कबाड़ कारोबार पर सख्ती: बिलासपुर SSP रजनेश सिंह का बड़ा एक्शन, दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच

बिलासपुर में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई अब सिर्फ कबाड़ियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि पुलिस महकमे के भीतर किसी स्तर पर लापरवाही, नरमी या संदिग्ध कार्यशैली सामने आई तो उस पर भी तत्काल कार्रवाई होगी।

दरअसल, थाना कोनी क्षेत्र में अवैध कबाड़ व्यवसाय करने वाले दो आरोपियों को पुलिस द्वारा थाना लाया गया था। इसी दौरान यह पाया गया कि कार्रवाई से जुड़े प्रधान आरक्षक 814 और मददगार आरक्षक 1263 की कार्यशैली संदिग्ध एवं लापरवाहीपूर्ण नजर आई। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई को कमजोर करने वाला माना।

इसी को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी 814 और आरक्षक अनुज जांगड़े 1263  को तत्काल प्रभाव से थाना कोनी से रक्षित केंद्र बिलासपुर संबद्ध कर दिया। यह कार्रवाई विभाग के भीतर स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि कानून के खिलाफ चलने वालों के साथ-साथ कार्रवाई में ढिलाई बरतने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम की जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे एसएसपी राजनेश सिंह 

पिछले कुछ समय से बिलासपुर जिले के एसएसपी रजनेश सिंह को अवैध कारोबारों, खासकर कबाड़, नशा और चोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थी इसी वजह से पिछले दिनों उन्होंने सख्त नाराजगी ज़ाहिर करते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे ,निर्देश के बाद जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में एसएसपी रजनेश सिंह की यह कार्रवाई महज विभागीय अनुशासन तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो अवैध कबाड़ कारोबार कई बार चोरी की घटनाओं और संगठित अपराध से भी जुड़ा रहता है। ऐसे में यदि कार्रवाई करने वाली टीम पर ही सवाल खड़े हों तो पूरी मुहिम की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसी वजह से एसएसपी ने बिना देरी किये जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई कर कड़ा संदेश दिया।

विभाग में बढ़ी चर्चा,मचा हड़कंप

इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज है। अधिकारियों का मानना है कि वरिष्ठ स्तर पर इस तरह की त्वरित कार्रवाई से फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संकेत मिलता है कि किसी भी प्रकार की ढिलाई या संदिग्ध भूमिका पर सीधी जिम्मेदारी तय होगी।

बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि एसएसपी ने यह दिखाया है कि अपराध के खिलाफ अभियान तभी प्रभावी माना जाएगा, जब पुलिस तंत्र भी पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ काम करे।

Source link

Related posts

चैतन्य बघेल की जमानत पर हाईकोर्ट ने ED से मांगा जवाब

तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से CRPF जवान की मौत

दीवार पर प्लास्टर करते समय करंट लगने से राजमिस्त्री की मौत, ठेकेदार पर मामला दर्ज

Leave a Comment

error: Content is protected !!