यात्रा की जल्दबाजी में कई बार यात्री रेलवे आरक्षण काउंटर (PRS) से खरीदा गया अपना टिकट घर पर ही भूल जाते हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या बिना टिकट दिखाए यात्रा जारी रखी जा सकती है या भारी जुर्माना देना पड़ेगा?
दरअसल, भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार यदि काउंटर से खरीदा गया आरक्षित टिकट खो जाए, गुम हो जाए या घर पर छूट जाए, तो यात्री के लिए डुप्लीकेट टिकट प्राप्त करने की व्यवस्था मौजूद है। हालांकि इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है।
क्या करें अगर टिकट घर पर छूट जाए?
- जैसे ही टिकट छूटने की जानकारी मिले, ट्रेन में मौजूद टीटीई (TTE) को तुरंत सूचित करें।
- यदि संभव हो तो किसी परिजन को मूल टिकट लेकर रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालय या स्टेशन मास्टर से संपर्क करने को कहें।
- रेलवे रिकॉर्ड में टिकट का सत्यापन होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
रेलवे का प्रमुख प्रावधान क्या कहता है?
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, कन्फर्म या RAC आरक्षण वाले खोए अथवा गुम हुए टिकट के बदले डुप्लीकेट टिकट जारी किया जा सकता है।
- चार्ट बनने से पहले डुप्लीकेट टिकट निर्धारित शुल्क पर जारी किया जा सकता है।
- चार्ट बनने के बाद डुप्लीकेट कन्फर्म टिकट के लिए कुल किराए का 50 प्रतिशत तक शुल्क लिया जा सकता है।
- RAC टिकट के मामले में चार्ट बनने के बाद अलग प्रतिबंध लागू होते हैं।
ई-टिकट वालों के लिए राहत
यदि टिकट IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से बुक किया गया है, तो आमतौर पर मोबाइल पर उपलब्ध ई-टिकट, PNR और वैध पहचान पत्र यात्रा के लिए पर्याप्त होते हैं।
यात्रा से पहले रखें ये सावधानियां
- टिकट की फोटो मोबाइल में सुरक्षित रखें।
- PNR नंबर नोट कर लें।
- यात्रा के दौरान हमेशा वैध पहचान पत्र साथ रखें।
- किसी भी सहायता के लिए रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।
