राजधानी कराकस में मची अफरा-तफरी
भूकंप के झटकों से राजधानी कराकस में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। कुछ इमारतें ढह गईं जबकि कई खतरनाक तरीके से झुक गईं। शहर के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सिमोन बोलिवार एयरपोर्ट की छत का हिस्सा भी गिर गया, जिसके बाद एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा। मेट्रो और ट्रेन सेवाएं भी एहतियातन रोक दी गई हैं।
लगातार आफ्टरशॉक के डर से कराकस और आसपास के इलाकों में हजारों लोगों ने पूरी रात सड़कों, पार्कों और खुले मैदानों में बिताई। कई परिवार बच्चों और जरूरी सामान के साथ घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।
मलबे से जिंदा निकाले गए बच्चे
सबसे प्रभावित क्षेत्रों में से एक La Guaira को डिजास्टर जोन घोषित किया गया है। यहां कई इमारतें ढह गईं। राहत दलों ने एक इमारत के मलबे से तीन बच्चों को जीवित बाहर निकाला है। 500 से अधिक बचावकर्मी प्रभावित इलाकों में खोज अभियान चला रहे हैं।
कराकस में रहने वाले इंजीनियर जीसस अलेजांद्रो पीना ने बताया कि करीब एक मिनट तक आए झटकों के दौरान ऐसा लगा मानो पूरी इमारत गिर जाएगी। खिड़कियों के शीशे टूट गए, दीवारों पर दरारें पड़ गईं और घर का सामान नीचे गिरने लगा। कई लोगों ने बताया कि उन्हें लगा कि वे जीवित नहीं बच पाएंगे।
क्यों आया इतना बड़ा भूकंप?
भूकंप के बाद अमेरिका, ब्राजील, अर्जेंटीना, पेरू, कोलंबिया समेत कई देशों ने सहायता की पेशकश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका हरसंभव मदद के लिए तैयार है। वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी वेनेजुएला के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारत की ओर से सहायता का भरोसा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला कैरेबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट की सीमा पर स्थित है। इन दोनों टेक्टोनिक प्लेटों के बीच अचानक हुई तेज भूगर्भीय हलचल के कारण दो शक्तिशाली भूकंप आए। वैज्ञानिकों ने आगे भी कई आफ्टरशॉक आने की आशंका जताई है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन को आशंका है कि मलबा हटने के साथ जनहानि का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
