विशाखापट्टनम : एक ऐसी उम्र, जब बच्चों के हाथों में किताबें और चेहरों पर स्कूल जाने की मुस्कान होनी चाहिए, उसी उम्र में एक मासूम की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एलकेजी में पढ़ने वाले 6 वर्षीय छात्र की स्कूल में अचानक मौत हो गई। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिससे स्कूल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
कक्षा में क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक, घटना लिटिल गार्डन स्कूल की है। CCTV फुटेज में बच्चा अन्य विद्यार्थियों के साथ लाइन में खड़ा दिखाई देता है। बताया जा रहा है कि होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षक ने उसे डांटा। फुटेज में बच्चा घबराया और डरा हुआ नजर आता है। इसी दौरान शिक्षक उसके यूनिफॉर्म को ठीक करते दिखाई देते हैं और फिर बच्चा रोने लगता है।
परिजनों का आरोप है कि शिक्षक ने बच्चे को थप्पड़ मारा, जिसके तुरंत बाद वह अचानक बेहोश होकर शिक्षक के ऊपर ही गिर पड़ा। घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
టీచర్కు భయపడి కుప్పకూలి ఎల్కేజీ విద్యార్థి మృతి
విశాఖపట్నంలో దారుణ ఘటన
లిటిల్ గార్డెన్ స్కూల్లో హోంవర్క్ చేయలేదని టీచర్ కొట్టడంతో భయపడి గుక్కపెట్టి ఏడుస్తూ, కుప్పకూలి టీచర్ మీద పడిపోయిన ఎల్కేజీ విద్యార్థి ప్రణయ్ తేజ్ (6)
చికిత్స నిమిత్తం ఆసుపత్రికి తరలించగా, అప్పటికే… pic.twitter.com/KW8umxWCAu
— Telugu Scribe (@TeluguScribe) August 20, 2026
CCTV सामने आने के बाद भड़का आक्रोश
बच्चे की मौत की खबर मिलते ही उसके माता-पिता और रिश्तेदार स्कूल पहुंच गए। CCTV फुटेज देखने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि बच्चे के साथ हुई मारपीट और मानसिक दबाव उसकी मौत का कारण बना।
परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद इलाके में भी लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
हार्ट अटैक या कुछ और? जांच के बाद होगा खुलासा
प्रारंभिक जानकारी में बच्चे की मौत को संदिग्ध हार्ट अटैक से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार, शारीरिक दंड और मानसिक दबाव जैसे मुद्दों पर फिर बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि क्या एक मासूम छात्र पर इतना दबाव बनाया गया कि उसकी जान चली गई, या फिर इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सीय कारण था? इन सवालों का जवाब अब जांच रिपोर्ट ही दे सकेगी।

