भिलाई इस्पात संयंत्र में लोहे एवं स्क्रैप की कथित अवैध निकासी के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को जांच सौंपने की आधिकारिक सहमति प्रदान कर दी है।
वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन द्वारा विभिन्न स्तरों पर की गई शिकायतों और केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग के बाद यह कदम उठाया गया है।
छत्तीसगढ़ राजपत्र में 25 सितंबर 2026 को गृह (सी-अनुभाग) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 के तहत सीबीआई को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी शक्तियों और क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी गई है।
यह आदेश दुर्ग जिले के थाना पुरानी भिलाई में दर्ज अपराध क्रमांक-277/2026 के अनुसंधान (जांच) से संबंधित है।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने भिलाई इस्पात संयंत्र परिसर से बड़े पैमाने पर स्क्रैप और लोहे के अवैध परिवहन का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय तथा राज्य के मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले की जांच सीबीआई, ईडी और ईओडब्ल्यू जैसी एजेंसियों से कराने की मांग की थी।
सीबीआई द्वारा मामला अपने हाथ में लिए जाने के बाद अब इस प्रकरण से जुड़े साक्ष्यों और कथित नेटवर्क की विस्तृत जांच की जाएगी।
