भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तैयार हो रही इस ट्रेन में रफ्तार के साथ यात्रियों की सुविधा पर भी खास ध्यान दिया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार, 1 नवंबर को बेंगलुरु स्थित बीईएमएल की आदित्य निर्माण इकाई पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कोच निर्माण, तकनीकी उपकरणों और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया का जायजा लिया।
कितनी होगी रफ्तार और कितने यात्री बैठ सकेंगे?
B28 की डिजाइन स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जबकि शुरुआती संचालन की रफ्तार करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। लगभग 202 मीटर लंबी इस ट्रेन में आठ कोच होंगे, जिनमें करीब 557 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी।
ट्रेन में सात स्टैंडर्ड क्लास और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच होगा। इसके आठ डिब्बों में चार मोटर कार और चार ट्रेलर कार शामिल होंगी।
आरामदायक सीटें, चार्जिंग पॉइंट और बड़ी खिड़कियां
यात्रियों को आरामदायक सीटें, पैर रखने के लिए पर्याप्त जगह, सामान रखने के रैक और मोबाइल व लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। बड़ी खिड़कियों से बाहर का नजारा देखा जा सकेगा। कोच में एलईडी लाइटिंग, आधुनिक वातानुकूलन और बायो डाइजेस्टर टॉयलेट की व्यवस्था होगी।
हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रा संबंधी जानकारी देने वाले डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा वाई-फाई आधारित मनोरंजन प्रणाली और आपात स्थिति में कर्मचारियों से संपर्क करने की सुविधा रहेगी।
दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए खास इंतजाम
ट्रेन में चढ़ने-उतरने को आसान बनाने के लिए फर्श की ऊंचाई प्लेटफॉर्म के अनुरूप रखी जाएगी। व्हीलचेयर के लिए चौड़े दरवाजे, विशेष स्थान और सुविधाजनक टॉयलेट होंगे। दृष्टिबाधित यात्रियों की मदद के लिए ब्रेल संकेतक भी लगाए जाएंगे। तेज रफ्तार के दौरान शोर कम रखने के लिए कोच की बॉडी और फर्श में विशेष व्यवस्था की जाएगी।
2027 की शुरुआत में पहला प्रोटोटाइप तैयार करने का लक्ष्य
बीईएमएल का लक्ष्य पहला प्रोटोटाइप ट्रेनसेट 2027 की शुरुआत में तैयार करना है। इसके बाद परीक्षण और ट्रायल की प्रक्रिया होगी। नियमित यात्री सेवा शुरू करने से पहले जरूरी मंजूरियां ली जाएंगी।
