मध्य प्रदेश के सागर जिले में शादी के महज तीन दिन बाद मुंगेली जिले की निवासी दुल्हन के नकदी और जेवर लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर जैसीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शादी कराने वाले बिचौलिए से भी पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, जैसीनगर थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा पेगवार गांव निवासी नोनीराम पटेल ने पुलिस को बताया कि पत्नी के निधन के बाद वह दोबारा विवाह करना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कंडेला निवासी रामनारायण दुबे से हुई। उसने छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी गांव की रहने वाली रुक्मणी चतुर्वेदी से शादी कराने का प्रस्ताव रखा। बताया गया कि रुक्मणी के पहले पति की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। नोनीराम के अनुसार, दोनों पक्षों की सहमति बनने के बाद शादी तय हुई और विवाह कराने के एवज में रामनारायण दुबे को 1.20 लाख रुपये दिए गए।
19 जून को दोनों पक्ष सागर पहुंचे, जहां कोर्ट मैरिज कराई गई। अगले दिन 20 जून को रंगीर माता मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। शादी में ओडिशा निवासी अरविंद विभार भी मौजूद था, जिसे रुक्मणी ने अपना जीजा बताया था।
शिकायत के मुताबिक 21 जून की रात रुक्मणी घर से 30 हजार रुपये नकद, चांदी की करधनी, पायल और मंगलसूत्र लेकर फरार हो गई। सुबह जब परिवार की नींद खुली तो दुल्हन घर में नहीं थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
परिजनों की खोजबीन के दौरान गांव के लोगों ने बताया कि देर रात एक कार गांव में आई थी। उसमें सवार युवक किसी घर का पता पूछ रहा था। जब ग्रामीणों को शादी में शामिल व्यक्ति अरविंद विभार की तस्वीर दिखाई गई तो उन्होंने उसी युवक की पहचान की।
शिकायत मिलने के बाद जैसीनगर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले में शादी कराने वाले रामनारायण दुबे से पूछताछ कर रही है और फरार महिला सहित अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
