आज से ट्रेन का सफ़र महंगा हो गया है। रेल मंत्रालय ने गुरुवार को पैसेंजर ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान किया था, जो आज से लागू हो गया है। लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए यह बढ़ोतरी मामूली है।
साधारण क्लास में 215 किलोमीटर से ज़्यादा की यात्रा के लिए किराया प्रति किलोमीटर 1 पैसा बढ़ेगा। हालांकि, लोकल ट्रेनों और कम दूरी की यात्रा के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। रेलवे को उम्मीद है कि इस बदलाव से मौजूदा वित्तीय वर्ष में लगभग ₹600 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलेगा। यह इस साल किराए में दूसरी बढ़ोतरी है; जुलाई में भी किराया बढ़ाया गया था।
रेलवे के अनुसार, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-AC कोच और सभी AC क्लास के लिए किराया प्रति किलोमीटर 2 पैसे बढ़ाया गया है। इसका मतलब है कि 500 किलोमीटर की नॉन-AC यात्रा के लिए सिर्फ़ ₹10 ज़्यादा लगेंगे। नई व्यवस्था के तहत, लोकल ट्रेनों और मासिक सीज़न टिकट के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। साधारण क्लास में 215 किलोमीटर तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भी पुराना किराया ही देना होगा।
क्यों बढ़ाया किराया ?
रेल मंत्रालय के अनुसार, परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है। स्टाफ की संख्या बढ़ी है, पेंशन का बोझ ज्यादा हुआ और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नई ट्रेनें, स्टेशन आधुनिकीकरण और सुरक्षा पर बड़ा निवेश हो रहा है। इस बढ़ोतरी से इस साल करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी, जो इन्हीं कामों में लगेगी।यह साल की दूसरी बढ़ोतरी है।
इससे पहले जुलाई 2025 में भी किराए में मामूली बदलाव किया गया था।रेलवे का कहना है कि वह सस्ती और सुरक्षित यात्रा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बदलाव यात्रियों पर कम से कम बोझ डालते हुए सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।
