देशब्रेकिंग न्यूज़

भारत को अनुमति देने वाले कौन होते हैं ट्रंप?: रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी बयान से भड़का विपक्ष

अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अस्थाई छूट दे दी है। लेकिन अमेरिका के इस बयान के बाद भारतीय सियासत में बचाल मचा हुआ है और सवाल उठने लगे हैं कि अमेरिका कौन होता है जो भारत को छूट दे? भारत अपने आप में फैसला लेने में सक्षम है।

दरअसल अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय सोच-समझकर लिया गया है और इसका उद्देश्य केवल पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल के लेन-देन को अधिकृत करना है, जिससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा। बेसेंट ने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत, अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है, और उम्मीद है कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि यह अस्थायी छूट ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अवरुद्ध करने के प्रयासों से पैदा हुए दबाव को कम करने में मदद करेगी। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का भी जिक्र किया और इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे का परिणाम बताया।

अमेरिकी वित्त मंत्री के बयान के बाद भड़के कांग्रेस नेता

अमेरिका की ओर से जारी इस बयान के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने अपने अधिकारिक एक्स पर लिखा है कि BJP सरकार हर दिन भारत की आज़ादी और सॉवरेनिटी से समझौता कर रही है। भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अपने एनर्जी हितों की रक्षा के लिए “U.S. परमिशन” की ज़रूरत क्यों है? खासकर तब जब तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और होर्मुज स्ट्रेट बंद है? सुरजेवाला ने अपने एक्स पोस्ट पर ट्रंप की ओर से भारत को लेकर किए गए ऐलान की भी फेहरिस्त जारी की है

Source Link

 

Related posts

पुष्पा-2 एक्टर अल्लू अर्जुन को हाईकोर्ट से जमानत : एक घंटे पहले लोकल कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा था

रायपुर कलेक्ट्रेट में बड़ा हादसा : अंग्रेजी रिकॉर्ड सेल में हादसा, फाइलें धूल में दबीं, कमरा सील

सुप्रीम कोर्ट का फैसला : धर्मांतरण करने पर समाप्त होगा एससी-एसटी का दर्जा

Leave a Comment

error: Content is protected !!