अन्यदेश

SCCL में 1600 करोड़ के कोयला घोटाले का आरोप : केंद्रीय मंत्री ने CM को लिखा पत्र

हैदराबाद। तेलंगाना की प्रमुख कोयला कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) में कथित तौर पर 40 लाख टन कोयले के गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्रीय कोयला मंत्री G. Kishan Reddy ने इस मामले को गंभीर बताते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy से तत्काल जांच कराने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में केंद्रीय मंत्री ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि करीब 1,600 करोड़ रुपये मूल्य का 40 लाख टन कोयला गायब होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे SCCL को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कंपनी की वित्तीय स्थिति और अधिक कमजोर हो सकती है।

पहले से आर्थिक दबाव में SCCL

सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड पहले ही वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार तेलंगाना सरकार पर कंपनी के 51,500 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं। ऐसे में कोयला गायब होने जैसे आरोप कंपनी की साख और वित्तीय स्थिरता दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक नियंत्रण पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने केवल कथित कोयला गायब होने की जांच ही नहीं, बल्कि कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक नियंत्रण तंत्र की भी समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि कहीं सिस्टम में ऐसी खामियां तो नहीं हैं जिनके कारण इतनी बड़ी अनियमितता संभव हुई।

GPS निगरानी और पारदर्शिता पर जोर

रेड्डी ने सुझाव दिया कि कोयले के परिवहन और भंडारण की निगरानी के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। साथ ही नियमित समीक्षा और ऑडिट के जरिए कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

कर्मचारियों के हितों की रक्षा की अपील

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर SCCL के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने तथा कंपनी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों की रक्षा करने का भी आग्रह किया है।

यह मामला अब केवल कथित कोयला गायब होने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देश की सबसे महत्वपूर्ण कोयला कंपनियों में से एक की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

Source link

Related posts

No Insurance No Fuel Policy : बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा सुझाव

उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपसभापति हरिवंश ने राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता की

काबुल से दिल्ली : विमान के लैंडिंग गियर में छिपकर पहुँचा 13 साल का बच्चा

Leave a Comment

error: Content is protected !!