TMC 20 Rebel MPs:तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को लेकर दिल्ली से बंगाल तक सियासी हलचल तेज हो गई है। NCPI में शामिल हुए इन सांसदों को लेकर बागी सांसद जगदीश बसुनिया ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि 20 सांसदों में से 17 जल्द भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं, जबकि तीन मुस्लिम सांसद NCPI में रहते हुए NDA को अपना समर्थन जारी रखेंगे।
जगदीश बसुनिया के मुताबिक, इन सांसदों ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने के उद्देश्य से NDA के साथ जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 20 सांसदों ने BJP में शामिल होने का भी निर्णय लिया है, लेकिन इसके लिए अभी कुछ समय लगेगा।
22 सितंबर तक देना है जवाब
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब 20 सांसदों के दल बदलने को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। बसुनिया ने बताया कि TMC ने इन सांसदों के खिलाफ लोकसभा स्पीकर के पास शिकायत की है। सांसदों को इस मामले में 22 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना है।
उन्होंने कहा कि जवाब दाखिल होने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। दलबदल विरोधी कानून के तहत दो-तिहाई संख्या के प्रावधान का हवाला देते हुए बसुनिया ने दावा किया कि TMC के कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने अलग होने का फैसला किया है। हालांकि, इस दावे से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है और मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है।
17 BJP में जाएंगे, तीन NCPI में रहेंगे
बसुनिया ने दावा किया कि 20 बागी सांसदों में से 17 सांसद आगे चलकर BJP की सदस्यता ले सकते हैं। वहीं अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान NCPI में ही बने रहेंगे। उनके मुताबिक, ये तीनों सांसद BJP में शामिल नहीं होंगे, लेकिन NDA को समर्थन देते रहेंगे और उसकी बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
बसुनिया ने इसके पीछे संबंधित सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को वजह बताया। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक आबादी अधिक होने के कारण तीनों सांसद सीधे BJP में शामिल होने के बजाय NCPI में रहकर NDA का समर्थन जारी रखेंगे।
लोकसभा रिकॉर्ड में अभी भी TMC सांसद
गौरतलब है कि ये 20 सांसद NCPI नाम के एक रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल में शामिल हुए हैं। सांसदों ने NDA के साथ जाने की घोषणा जरूर की है, लेकिन लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में फिलहाल वे TMC सांसद ही दर्ज हैं। दल बदल को लेकर लोकसभा स्पीकर की ओर से अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। पिछली सुनवाई के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी 20 सांसदों से जवाब मांगा था। पहले जवाब दाखिल करने की अंतिम तारीख 26 अगस्त निर्धारित की गई थी, लेकिन सांसदों ने अतिरिक्त समय की मांग की थी। इसके बाद उन्हें 22 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का समय दिया गया।
अब सबकी नजर 22 सितंबर के बाद होने वाली कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया पर टिकी है। आने वाले दिनों में इन 20 सांसदों के राजनीतिक भविष्य और BJP में संभावित शामिल होने को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।
