छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग में कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। रामचंद्रपुर में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कोटाडोल में 5, तोकापाल और करपावंड में 8-8, जबकि छुरा और नांगर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश हुई। सुकमा, लोरमी, जगदलपुर, केशकाल और बस्तर में भी 6 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं एक द्रोणिका उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बनी हुई है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई देगा।
अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर अगले सात दिन छत्तीसगढ़ के लिए मानसून के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। बस्तर, सरगुजा और उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर बनाए रखें।
