रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेन्द्री की थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मृतकों के शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर तक बिखर गए। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और फैक्ट्री प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कमल सिंह को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान मध्यप्रदेश के डिंडौरी निवासी कमल सिंह (25 वर्ष), लाल सिंह और जांजगीर-चांपा निवासी अरुण पांडे के तौर पर हुई है।
ब्लास्ट के बाद का दृश्य बेहद भयावह था। विस्फोट इतना तेज था कि मृतकों के शरीर के अंग फैक्ट्री परिसर में अलग-अलग स्थानों पर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई अवशेष करीब 200 मीटर दूर तक जा गिरे। खुले में पड़े अवशेषों पर चींटियां लग गई थीं, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे।
पिग आयरन बनाने का होता है काम
जानकारी के अनुसार, थ्रीडी फैक्ट्री में पिग आयरन तैयार किया जाता है, जिससे वाहनों के विभिन्न पुर्जों का निर्माण होता है। प्रारंभिक आशंका है कि उत्पादन प्रक्रिया के दौरान ही यह भीषण विस्फोट हुआ, हालांकि ब्लास्ट की वास्तविक वजह का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी, एडीसीपी (नॉर्थ), संबंधित एसीपी, उरला थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग ब्लास्ट के कारणों की जांच कर रहे हैं। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। तीन मजदूरों की मौत के बाद पूरे उरला औद्योगिक क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
