धरसींवा (रायपुर)। पत्रकारों पर दर्ज किए जा रहे कथित फर्जी मुकदमों, FIR और बढ़ती प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़ की प्रमुख पत्रकार संगठन छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने मंगलवार को धरसींवा में जोरदार प्रदर्शन किया।
महासंघ के आह्वान पर जिले एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों पत्रकारों ने धरसींवा में सभा आयोजित की तथा वहां से पैदल मार्च निकालकर धरसींवा थाना पहुंचकर पुलिस महानिदेशक एवं गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पत्रकारों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने तथा प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज और शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। इसके बावजूद प्रदेश में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पत्रकारों को समाचार संकलन और जनहित के मुद्दे उजागर करने की वजह से मुकदमों और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती बताया गया।
महासंघ के पदाधिकारियों ने धरसींवा क्षेत्र के उस पत्रकार के मामले का भी उल्लेख किया, जिसे एक गंभीर प्रकरण में सह-आरोपी बनाकर जेल भेजा गया है।
पत्रकार संगठन का कहना है कि संबंधित पत्रकार ने क्षेत्र में नाबालिग से गैंगरेप की घटना को प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद उसे विवादित परिस्थितियों में मामले में शामिल किया गया। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि यदि पत्रकारों के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई जारी रही तो स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होगी ।
महासंघ ने सरकार से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी, मोहम्मद नईम (हाजी राजा) सहित तिल्दा, आरंग, खरोरा, सिलयारी तथा अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पत्रकार उस्मान सैफी के समर्थन में एकजुटता व्यक्त करते हुए न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
