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1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, केंद्र सरकार ने बढ़ाई आवेदन फीस

विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगी।

सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत शुल्क संरचना में संशोधन किया है। इसके तहत सामान्य, तत्काल (Tatkal) और खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के पुनः निर्गमन पर लगने वाली फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

सामान्य पासपोर्ट पर कितना बढ़ा शुल्क?

नई व्यवस्था के अनुसार 36 पृष्ठों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। वहीं 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए अब 3500 रुपये शुल्क देना होगा, जो पहले 2000 रुपये था।

तत्काल सेवा भी हुई महंगी

तत्काल श्रेणी में आवेदन करने वाले लोगों को भी अब अधिक राशि चुकानी पड़ेगी। 36 पृष्ठों वाले तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दी गई है। वहीं 60 पृष्ठों वाले तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 6000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जो पहले 4000 रुपये था।

खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर बढ़ा आर्थिक बोझ

यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट खो जाता है, चोरी हो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो नए पासपोर्ट के लिए पहले से अधिक शुल्क देना होगा।

नई दरों के अनुसार 36 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के पुनः निर्गमन के लिए सामान्य श्रेणी में 5000 रुपये और तत्काल श्रेणी में 7500 रुपये शुल्क लगेगा। वहीं 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 6000 रुपये तथा तत्काल श्रेणी में 8500 रुपये फीस देनी होगी।

बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत जारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष श्रेणियों को मिलने वाली शुल्क छूट पहले की तरह जारी रहेगी। 8 वर्ष तक के बच्चों, 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के आवेदकों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को पासपोर्ट आवेदन शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।

लाखों आवेदकों पर पड़ेगा असर

नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी और इसके बाद जमा होने वाले सभी नए आवेदनों पर संशोधित शुल्क लागू होगा। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर विदेश यात्रा, पढ़ाई और नौकरी के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा। हालांकि सरकार का कहना है कि पासपोर्ट सेवाओं को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर शुल्क संरचना की समीक्षा आवश्यक होती है।

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