
अगस्त 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। रेलवे टिकट बुकिंग से लेकर आयकर रिटर्न, एलपीजी गैस सिलेंडर और केवाईसी प्रक्रिया तक कई नई व्यवस्थाएं आज यानी 1 अगस्त से प्रभावी हो गई हैं। इन बदलावों का सीधा असर यात्रियों, करदाताओं, व्यापारियों और बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले करोड़ों लोगों पर पड़ेगा।
रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग में नई व्यवस्था
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए काउंटर टोकन व्यवस्था में बदलाव किया है। अब टोकन वितरण और टिकट बुकिंग का समय एक-दूसरे से जोड़ा गया है, जिससे आरक्षण केंद्रों पर भीड़ कम होने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक टोकन जारी किए जाएंगे, जबकि नॉन-एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक टोकन मिलेंगे। टोकन प्राप्त करने के बाद ही यात्री काउंटर से तत्काल टिकट बुक करा सकेंगे।
ITR में देरी पर लगेगा जुर्माना
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद अब विलंब से रिटर्न भरने वाले करदाताओं को जुर्माना देना होगा। जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं था, उनके लिए समयसीमा निकल चुकी है।
अब विलंबित रिटर्न दाखिल करने पर 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही कुछ विशेष टैक्स व्यवस्थाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, ITR-3 और ITR-4 (बिना ऑडिट वाले मामलों) के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित है। वहीं ऑडिट वाले मामलों में ITR-3 और ITR-4 जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता
महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी किए हैं। इस बार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 202 रुपये की कटौती की गई है।
नई दरों के अनुसार दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब 2,728 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि पहले इसकी कीमत 2,930 रुपये थी। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, चाय-नाश्ते की दुकानों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
CKYC 2.0 लागू, एक बार KYC से कई सेवाओं का लाभ
1 अगस्त से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में सेंट्रल नो योर कस्टमर (CKYC) 2.0 प्रणाली लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था में बैंक, बीमा कंपनियां और एसेट मैनेजमेंट कंपनियां एक साझा ग्राहक पहचान प्रणाली का उपयोग करेंगी।
नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को अलग-अलग संस्थानों में बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। एक बार सत्यापित KYC रिकॉर्ड होने पर वही जानकारी विभिन्न वित्तीय संस्थानों में उपयोग की जा सकेगी, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी।
