मोहन नगर दुर्ग पुलिस ने डीजीपी अरूण देव गौतम से हुई शिकायत के बाद दुर्ग विवि के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ धारा 316-4 का मामला दर्ज कर लिया है। विवि की दैवेभो कर्मी शुभांगी मराठे की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया है। इसमें शुभांगी ने बताया था कि वेतन के रूप में उसे केवल 2200 रूपए देकर बाकी रकम उदय कुलदीप के खाते में पेटीएम कराया जाता रहा है। पुलिस ने कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय की अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे ने कुलपति से शिकायत की थी कि तत्कालीन कुलसचिव अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर उनके वेतन का अधिकांश हिस्सा अपने परिचित के खाते में ट्रांसफर करवा रहे थे। शिकायत के बाद गठित जांच समिति ने मामले की जांच की।
जांच में सामने आया कि, पीड़िता विश्वविद्यालय में कार्यरत होने के साथ-साथ पूर्व कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं। उन्हें प्रतिमाह नियमानुसार 11,515 रुपए का वेतन मिलता था, लेकिन आरोपी कथित तौर पर केवल 2,200 रुपए देकर शेष राशि PhonePe और Paytm के माध्यम से उदय कुलदीप के खाते में स्थानांतरित करवा लेता था।
पुलिस के मुताबिक, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच इस तरीके से कुल 1,49,384 रुपए का गबन किया गया। विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक खातों और यूपीआई लेन-देन की जांच सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध दर्ज किया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई और विवेचना जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद का कथित दुरुपयोग करते हुए अधीनस्थ महिला कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके खाते में जमा होने वाले वेतन का अधिकांश हिस्सा डिजिटल भुगतान माध्यमों से अपने परिचित के खाते में ट्रांसफर करवाकर अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया।
