बिलासपुर । छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में शुक्रवार देर रात बड़ा हंगामा हो गया। रात करीब 2 बजे शराब के नशे में आए कुछ लोगों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर हमला कर दिया। उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ की और डॉक्टर को जान से मारने की धमकी तक दे डाली। डॉक्टरों ने पूरी घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान कर रही है।
घटना की शुरुआत रात करीब 1:30 बजे हुई, जब एक युवक को कैजुअल्टी ओपीडी में लाया गया। उसके कान से खून बह रहा था। साथ आए लोगों ने बताया कि युवक का किसी से झगड़ा हुआ था। जांच के लिए ईएनटी विभाग की महिला पीजी डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने हालत देखकर थोड़ी देर इंतजार करने को कहा, जिस पर युवक के साथी भड़क गए और विवाद करने लगे।
बवाल बढ़ने पर ड्यूटी डॉक्टरों ने भीड़ को किसी तरह शांत कर सिम्स चौकी की ओर ले जाने की कोशिश की, लेकिन वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। जब डॉक्टरों ने वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो नशे में धुत हमलावरों ने उनका मोबाइल तोड़ दिया और फरार हो गए।
घटना के बाद सिम्स प्रशासन ने आपात बैठक बुलाकर सुरक्षा को लेकर कई फैसले लिए। डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने खासतौर पर जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा पर जोर दिया। ट्रॉमा और इमरजेंसी वार्ड में सुरक्षा गार्ड बढ़ाए गए हैं। अस्पताल परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, रोशनी सुधारने और शराबी हालत में आने वालों की अल्कोहल मीटर से जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। शराब पीकर पहुंचने वालों को सिम्स चौकी पुलिस के हवाले किया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था को भी सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार को जूनियर डॉक्टरों ने सीएसपी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। अस्पताल प्रबंधन ने सभी स्टाफ और चौकी सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं।
