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राहुल बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें, उनकी वजह से हजारों लोग सड़क पर

घायल छात्र साहिल लोचाब को मीडिया के सामने लाया

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचाब को मीडिया के सामने पेश किया। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें देश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति का जिम्मेदार बताया।

‘धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना होगा’

राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश की शिक्षा प्रणाली के संकट का प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नीतियों के कारण हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। राहुल ने कहा कि मंत्री को अपने पद की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने साहिल लोचाब के हाथ, पीठ और सीने पर लगे चोट के निशान दिखाए। उन्होंने कहा कि साहिल शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन पुलिस कार्रवाई में पैलेट गन लगने से उसकी दाहिनी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई।

20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल लोचाब भी इसी घटना में गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों में शामिल हैं।

कौन हैं साहिल लोचाब?

19 वर्षीय साहिल लोचाब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के निवासी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के अनुसार, वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और भविष्य में पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखते थे। छात्र संगठनों के आंदोलनों में भी वह पहले हिस्सा ले चुके हैं।

आंख की रोशनी लौटने की संभावना बेहद कम

घटना के बाद साहिल को एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। परिवार के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि दाहिनी आंख की पुतली को गंभीर क्षति पहुंची है और उस आंख की रोशनी वापस आने की संभावना केवल लगभग 1 प्रतिशत है।

परिवार ने क्या कहा

साहिल की मां ज्योति ने बताया कि उनका बेटा आंदोलन में इसलिए शामिल हुआ क्योंकि वह इसे अपनी पढ़ाई और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मानता था। उन्होंने कहा कि साहिल हमेशा पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखता था और पढ़ाई के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय रहता था।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई और छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग को मुद्दा बना रहा है, जबकि मामले को लेकर सरकार की ओर से भी लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

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