
Deepak Baij और T. S. Singh Deo ने सूरजपुर के शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के दौरान दर्ज आर्म्स एक्ट मामले को लेकर शुरू किया गया अपना अनशन समाप्त कर दिया। प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं की प्रमुख मांगों पर सहमति जताने के बाद दोनों नेताओं ने नारियल पानी पीकर आंदोलन खत्म किया।
दरअसल, कांग्रेस जिला महामंत्री नागेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने के विरोध में मंगलवार शाम से दीपक बैज और टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठे थे। कांग्रेस का आरोप था कि चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की गई।
काफी देर तक चली बातचीत और प्रशासनिक प्रयासों के बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। इनमें भाजपाइयों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज करना, नागेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराना और विश्रामपुर थाना प्रभारी को छुट्टी पर भेजना शामिल है।
मांगें मानने के बाद दीपक बैज ने कहा कि “यह न्याय और लोकतंत्र की जीत है। प्रशासन ने कांग्रेस की सभी मांगों को स्वीकार किया है, इसलिए आंदोलन स्थगित किया जा रहा है।”
इस पूरे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने भी पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला था। चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और पुलिस अधिकारियों के नाम “याद रखे जाएंगे”।
क्या है पूरा विवाद?
कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के बीच चुनावी माहौल को लेकर विवाद हुआ था। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने सत्ता का दबाव दिखाते हुए झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। वहीं भाजपा की शिकायत पर पुलिस ने नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें उन पर कटार दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि अब तक पुलिस कथित हथियार बरामद नहीं कर सकी है।
