बिलासपुर – रेलवे डीआरएम ऑफिस के पास स्थित लिटिल बनी स्कूल के बाहर सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। स्कूल की छुट्टी के बाद अपने बच्चों को घर ले जाने पहुंचे एक अभिभावक की चलती क्रेटा कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते गाड़ी आग का गोला बन गई, लेकिन गनीमत यह रही कि पिता ने समय रहते सूझबूझ का परिचय दिया और अपने तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
कैसे हुआ हादसा? : मिली जानकारी के अनुसार, दयालबंद निवासी मनीष गोयल दोपहर करीब 12:00 बजे अपने तीनों बच्चों—ओम, साईं और राम—को स्कूल से घर लाने के लिए पहुंचे थे। सभी बच्चे गाड़ी में बैठ चुके थे और जैसे ही मनीष गोयल ने क्रेटा कार स्टार्ट की, अचानक इंजन और डैशबोर्ड के हिस्से से धुआं निकलने लगा।खतरे की नजाकत को भांपते हुए मनीष गोयल ने बिना एक पल भी गंवाए अपनी सूझबूझ का परिचय दिया और तुरंत अपने तीनों बच्चों को गाड़ी से नीचे उतारा तथा उन्हें लेकर तुरंत सुरक्षित दूरी पर चले गए।
देखते ही देखते जलकर खाक हुई कार : बच्चों के उतरने के कुछ ही पलों बाद आग ने पूरी कार को अपनी विकराल चपेट में ले लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्कूल परिसर में लगे बोरिंग और पानी के अन्य स्रोतों की मदद से स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की शुरुआती कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि वह पलभर में बेकाबू हो गई।
सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ी को मौके पर पहुंचने में कुछ समय लगा, तब तक काफी देर हो चुकी थी और क्रेटा कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।कार भले ही पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, लेकिन पिता की तत्परता और समय पर लिए गए फैसले के कारण एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। घटना में किसी भी तरह के हताहत होने की खबर नहीं है, जिससे स्कूल प्रबंधन, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। प्राथमिक तौर पर कार में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है।
