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NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : “UPSC में नहीं होता पेपर लीक, NTA कब सीखेगी जवाबदेही?”

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में कथित पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि यदि देश की प्रतिष्ठित संस्था UPSC बिना किसी पेपर लीक विवाद के परीक्षाएं आयोजित कर सकती है, तो NTA बार-बार ऐसी चूक क्यों कर रही है?

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल संस्थागत विफलता की बात करने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय करनी होगी।

2024 की गलतियों से भी नहीं लिया सबक

सुप्रीम Court ने NTA को याद दिलाया कि वर्ष 2024 में भी पेपर लीक विवाद सामने आया था, जिसके बाद पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी। समिति ने 60 से अधिक सुधारात्मक सुझाव दिए थे। अदालत ने सवाल किया कि यदि अधिकांश सिफारिशें लागू हो चुकी थीं, तो फिर इस वर्ष वही स्थिति दोबारा कैसे बन गई?

राधाकृष्णन ने अदालत को बताया कि अधिकांश सुधार लागू किए जा चुके हैं, लेकिन कुछ नई खामियां सामने आई हैं, जिन्हें 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा से पहले दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

PM मोदी कर रहे निगरानी

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत किया गया है और युवाओं की चिंताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

23 लाख छात्रों के भविष्य पर असर

  • 3 मई को NEET-UG परीक्षा आयोजित हुई थी।
  • 7 मई को पेपर लीक की खबर सामने आई।
  • 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।
  • 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।
  • CBI जांच में अब तक 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
  • करीब 23 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे।

छात्रों की मांग: NTA में बड़े सुधार हों

देशभर के छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है। कई छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई संस्था गठित की जाए और परीक्षा को दोबारा पारंपरिक पेन-पेपर मोड में कराया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह NEET मामले की निगरानी जारी रखेगा। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होने की संभावना है।

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