अगर आपने होम लोन, कार लोन या किसी दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI चुका रखी है, तो बुधवार का दिन आपके लिए अहम हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के फैसले का ऐलान आज सुबह 10 बजे किया जाना है। सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि रेपो रेट में कोई बदलाव होता है या इसे मौजूदा स्तर पर ही रखा जाता है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा MPC बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देंगे। रेपो रेट में बदलाव होने पर इसका असर बैंकिंग सिस्टम और आगे चलकर कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की चर्चा
रिपोर्ट्स में कुछ विशेषज्ञों ने इस बार रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। हालांकि अंतिम फैसला रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ही करेगी।
फिलहाल रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर है। इस साल अप्रैल, जून और अगस्त में हुई पिछली तीन MPC बैठकों में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया था।
क्यों अहम है आज का फैसला?
रेपो रेट ऐसे समय में चर्चा में है, जब कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे हालात में केंद्रीय बैंक के सामने महंगाई और आर्थिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती रहती है।
रेपो रेट बढ़ा तो EMI पर क्या असर पड़ेगा?
रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों के लिए RBI से पैसा लेना महंगा हो सकता है। इसका असर बैंक की लोन दरों पर पड़ सकता है और फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI या लोन की अवधि में बदलाव हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति ने 25 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन 7.50 प्रतिशत की ब्याज दर पर लिया है, तो उसकी EMI करीब 36,950 रुपये बनती है।
अगर ब्याज दर बढ़कर 7.75 प्रतिशत हो जाए, तो यही EMI करीब 37,766 रुपये हो सकती है। यानी करीब 817 रुपये महीने का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक असर बैंक की रीसेट तारीख और लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।
रेपो रेट घटा तो क्या होगा?
अगर RBI रेपो रेट में कटौती करता है तो बैंकों के लिए फंडिंग लागत कम हो सकती है। इसका फायदा आगे चलकर लोन की ब्याज दरों और EMI में मिल सकता है।
वहीं, अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो नए लोन और कुछ मौजूदा फ्लोटिंग रेट लोन महंगे हो सकते हैं।
FD वालों को मिल सकता है फायदा
रेपो रेट बढ़ने की स्थिति में बैंक अपनी जमा योजनाओं, खासकर नई FD पर ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं। अगर बैंक FD की दरें बढ़ाते हैं तो नए निवेश करने वाले ग्राहकों को पहले की तुलना में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
अब सभी की नजर RBI के आज सुबह 10 बजे होने वाले ऐलान पर है। इसके बाद ही साफ होगा कि रेपो रेट में बदलाव होता है या इसे एक बार फिर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा जाता है।
