
भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट के गठन की पहल की गई है। इस संबंध में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने 26 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। आरंभिक प्रतिक्रिया में सकारात्मक संकेत मिले हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौ जुलाई 2026 को भेजे जवाब में बताया कि प्राप्त प्रस्ताव पर विचार की प्रक्रिया जारी है।
माओवादी हिंसा विरोधी अभियान में दे चुके हैं वीरता का परिचय- शर्मा
गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्र में उल्लेख किया था कि आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के जवान विगत वर्षों में माओवादी हिंसा विरोधी अभियानों में वीरता व साहस का परिचय दे चुके हैं। ये दुर्गम क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में भी गोरिल्ला युद्ध में अभ्यस्त हैं।
भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट का गठन राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक स्थिरता में योगदान देने वाली एक रणनीतिक पहल होगी। यह बस्तर के युवाओं को राष्ट्र सेवा करने के लिए एक सुनियोजित मार्ग देगा। साथ ही इससे बस्तर में गौरव, अनुशासन, रोजगार और आर्थिक प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा।
रणनीतिक जरूरतों के आधार पर गठन का फैसला
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना में किसी नई रेजिमेंट का गठन केंद्र सरकार और सेना मुख्यालय की रणनीतिक जरूरतों तथा उच्च सैन्य कमान की संस्तुति के आधार पर किया जाता है। कई रेजिमेंटों का गठन क्षेत्रीय, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर भी हुआ है।
एक रेजिमेंट के कई बटालियन होती हैं। आवश्यकता अनुसार इनकी संख्या 20 से 30 बटालियन की हो सकती है। प्रत्येक बटालियन में औसतन 600 से 900 जवान और अधिकारी होते हैं, जबकि पूरी रेजिमेंट में सैनिकों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है।
