नागपुर, 17 जुलाई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एक कर्मचारी की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ने एक बार फिर यात्रियों का रेलवे पर विश्वास मजबूत किया है। गोंडवाना एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान खोया आईफोन सुरक्षित बरामद कर यात्री को लौटाने की पहल ने यह साबित कर दिया कि रेलवे सिर्फ सफर ही नहीं, बल्कि यात्रियों की अमानत की सुरक्षा के लिए भी पूरी जिम्मेदारी से कार्य कर रहा है।
यह सराहनीय घटना 16 जुलाई को ट्रेन संख्या 12410 गोंडवाना एक्सप्रेस में हुई। नई दिल्ली से नागपुर की यात्रा कर रहे 21 वर्षीय गौरव वानखेड़े ने नागपुर स्टेशन पहुंचने पर मुख्य टिकट निरीक्षक (सीटीआई) राजकुमार को अपने आईफोन के गुम होने की जानकारी दी। तत्काल सीट पर तलाश कराई गई, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। नेटवर्क बंद होने के कारण यात्री को जीआरपी में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
उधर, ट्रेन के दुर्ग पहुंचने पर एक सहयात्री को सीट कवर के नीचे आईफोन मिला। सूचना मिलते ही सीटीआई राजकुमार ने पीएनआर के आधार पर यात्री का वैकल्पिक संपर्क नंबर प्राप्त किया और लगातार प्रयास कर परिजनों के माध्यम से गौरव वानखेड़े से संपर्क स्थापित किया। उन्हें मोबाइल मिलने की जानकारी दी गई और पहचान पत्र के साथ अगले दिन मोबाइल प्राप्त करने के लिए कहा गया।
अपने खोए हुए आईफोन के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही यात्री और उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सीटीआई राजकुमार की ईमानदारी, तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की खुलकर सराहना करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का आभार व्यक्त किया।
मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि रेलवे केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि उनके विश्वास और सुरक्षा का भी संरक्षक है। वहीं, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप सिंह ने कहा कि यात्रियों की अमानत की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और राजकुमार का कार्य “यात्री सेवा सर्वोपरि” की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी और संवेदनशीलता की यह घटना न केवल यात्रियों के बीच सकारात्मक संदेश देती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि भारतीय रेलवे में आज भी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
