रायगढ

शासकीय शालाओं में प्रार्थना आदेश मे संशोधन के लिए दिया गया ज्ञापन

रायगढ़. स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि स्कूल लगने पर सुबह प्रार्थना में राष्ट्रगान राष्ट्रगीत दीप मंत्र सरस्वती वंदना गुरु मंत्र महापुरुषों की जीवनी का वाचन मध्यान भोजन में भोजन मंत्र संध्या के समय छुट्टी होने पर राज्य गीत गायत्री मंत्र शांति मंत्र वाचन करने हेतु निर्देशित किया है.

इस आदेश मैं संशोधन की मांग को लेकर रायगढ़ जिले के अल्पसंख्यक समुदाय एवं सामाजिक संगठनों ने महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर डी. आर मरकाम साहब को ज्ञापन सौपा. ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष राज्य है जहां विभिन्न धर्मो के मानने वाले लोग रहते हैं.

यही वजह है कि संविधान निर्माताओ ने सभी नागरिकों को अपने धार्मिक क्रियाएं संचालित करने के लिए संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकार के रूप में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार का समावेश किया है. इस आदेश के क्रियान्वयन से शासकीय विद्यालय में एक धर्म विशेष के मंत्रों एवं वंदना का वाचन संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है. हमारा देश अनेकता में एकता का बेहतरीन नमूना है. यहां विभिन्न धर्म गुलदस्ता सदृश है. धर्मनिरपेक्ष राज्य में विभिन्न धर्मो के अनुयायियों को एक धर्म विशेष के मंत्रों का जाप एवं वंदना कराना अनुचित है. ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28(1) स्पष्ट रूप से कहता है कि पूर्णत: राज्य निधि से संचालित शिक्षण संस्थानों में किसी प्रकार की धार्मिक शिक्षा या विशिष्ट प्रार्थना आयोजित नहीं की जा सकती.

इसी प्रकार संविधान के अनुच्छेद 28(3 )के अंतर्गत किसी भी छात्र को उसके या उसके अभिभावक के सहमति के बिना धार्मिक प्रार्थना में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 28 (1) एवं 28 (3) का स्पष्ट उल्लंघन है. हमारे देश के गौरवशाली संविधान की मूल भावना जहां धर्मनिरपेक्षता ही संविधान की आत्मा है ऐसे प्रतिकूल व्यवस्था को लागू किए जाने से परहेज किया जाना आवश्यक एवं न्यायोचित है. ज्ञापन में मांग की गई है कि राष्ट्रगान राष्ट्रगीत महापुरुषों के जीवनी का वाचन राष्ट्रगीत के वाचन को यथावत रखते हुए दीप मंत्र सरस्वती वंदना गुरु मंत्र मध्यान भोजन में भोजन मंत्र संध्या के समय अवकाश होने पर गायत्री मंत्र शांति मंत्र रोक लगाए जाने हेतु संशोधित आदेश जारी करने की मांग की गई है.

प्रतिनिधि मंडल में डॉक्टर छबिलाल रात्रे ( भूतपूर्व विधायक सारंगढ़ विधानसभा) एडवोकेट धनीराम रात्रे राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय संविधान प्रचारिणी सभा, एडवोकेट एम डी बर्मन सचिव बहुजन समाज पार्टी, सुनील मिंज अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज, फादर रोमोनुस, एडवोकेट निर्दोष केरकेट्टा( मसीही समाज)शेख कलीमुल्लाह वारसी, मोहम्मद शमशीर साबरी एडवोकेट मोहम्मद असलम, एडवोकेट डॉ मुशर्रफ अली ( मुस्लिम समाज) संजीव सुखदेवे ( बौद्ध समाज) शामिल थे.

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