
तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है, जहां फिल्म स्टार से नेता बने C. Joseph Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने पहली ही पारी में जोरदार एंट्री कर सबको चौंका दिया है। 234 सीटों वाली विधानसभा में 110 सीटों पर बढ़त के दावों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। TVK के प्रवक्ता साफ कह रहे हैं कि पार्टी अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में है, जिससे पारंपरिक दलों की रणनीतियां हिलती नजर आ रही हैं।
इसी बीच Indian National Congress ने TVK को समर्थन देने का संकेत देकर सियासी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। विजय के पिता S. A. Chandrasekhar ने तो खुलकर कांग्रेस को TVK के साथ आने का न्योता भी दे दिया। उनका कहना है कि लंबे समय से दूसरों को समर्थन देते-देते कांग्रेस अपनी जमीन खो चुकी है, जबकि विजय कांग्रेस को सत्ता में भागीदारी देने के लिए तैयार हैं।
TVK के मजबूत प्रदर्शन, खासकर शहरी इलाकों में, ने यह साबित कर दिया है कि पार्टी ने पहली ही कोशिश में एक प्रभावशाली वोट बैंक तैयार कर लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता अब केवल सिनेमा तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह राजनीतिक ताकत में भी बदलती दिख रही है।
वहीं दूसरी ओर Dravida Munnetra Kazhagam के नेतृत्व वाला गठबंधन भी इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कांग्रेस के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं—कुछ नेता मानते हैं कि TVK के साथ गठबंधन का मौका गंवाना बड़ी रणनीतिक भूल थी, जबकि कुछ अब भी पुराने गठबंधन को बनाए रखने के पक्ष में हैं।
कांग्रेस के शीर्ष नेता Rahul Gandhi ने फिलहाल साफ कर दिया है कि पार्टी DMK के साथ अपने रिश्ते को प्राथमिकता देती है और M. K. Stalin के नेतृत्व में भरोसा बनाए रखेगी। हालांकि, अंदरखाने यह भी चर्चा है कि TVK के उभार ने कांग्रेस को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु की राजनीति अब दोराहे पर खड़ी है—एक तरफ पारंपरिक गठबंधन की स्थिरता, और दूसरी तरफ विजय की नई राजनीतिक ताकत। आने वाले समय में यह तय करेगा कि कांग्रेस पुरानी राह पर कायम रहती है या फिर बदलते समीकरणों के साथ नया रास्ता चुनती है।

