केरल की राजनीति में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब V. D. Satheesan ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की कमान संभाली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके को ऐतिहासिक इसलिए माना जा रहा है क्योंकि करीब 60 वर्षों बाद केरल में पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ग्रहण किया है। इससे पहले 1962 में R. Shankar के नेतृत्व में ऐसा हुआ था।
शपथ ग्रहण समारोह में Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan, भाजपा नेता Rajeev Chandrasekhar समेत कई वरिष्ठ नेता भी समारोह में शामिल हुए।
नई सरकार की सबसे बड़ी खासियत इसकी युवा और नए चेहरों वाली टीम है। 20 मंत्रियों की कैबिनेट में 14 नए नेताओं को मौका मिला है। पीके कुन्हालीकुट्टी, रमेश चेन्निथला, सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन, मॉन्स जोसेफ और शिबू बेबी जॉन जैसे नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। कांग्रेस ने विधानसभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों पद अपने पास रखे हैं। तिरुवनंतपुरम राधाकृष्णन को स्पीकर और शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है।
सरकार के आगे के कार्यक्रम भी तय हो चुके हैं। 22 मई को विधानसभा स्पीकर का चुनाव होगा, जबकि 29 मई को राज्यपाल का नीतिगत भाषण आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 5 जून तक राज्य का बजट पेश किए जाने की संभावना है।
वी.डी. सतीशन लगातार छठी बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने मलयालम भाषा में शपथ ली और समारोह के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं से मुलाकात की। यह सरकार कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन की है, जिसने एलडीएफ को सत्ता से बाहर कर केरल में वापसी की है।
