पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनियोजित तरीके से शराब की री-बॉटलिंग कर उसे ब्रांडेड शराब का रूप देते थे। इसके बाद असली जैसी पैकेजिंग तैयार कर उसे बाजार में बेचने की तैयारी की जाती थी। इस पूरे खेल में प्रिंटिंग दुकान का इस्तेमाल नकली लेबल और होलोग्राम तैयार करने के लिए किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कंप्यूटर, लेजर प्रिंटर, मोबाइल फोन समेत बड़ी संख्या में नकली लेबल और होलोग्राम जब्त किए हैं। जांच में करीब 3 हजार नकली लेबल और 3 हजार होलोग्राम तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं एक अन्य आरोपी के कब्जे से 2100 प्लास्टिक बोतलें भी बरामद की गई हैं। इससे पहले की कार्रवाई में 497 पव्वे नकली शराब और पैकेजिंग सामग्री जब्त की जा चुकी है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्यों के बीच डिजिटल भुगतान के जरिए लेन-देन और संपर्क के साक्ष्य भी मिले हैं। पूरे मामले में अब तक 2 लाख 42 हजार रुपये से अधिक की सामग्री जब्त की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नकली शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसकी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।
वहीं मामले में फरार दो आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग के जरिए तैयार की जा रही शराब को किन-किन इलाकों में खपाया जाना था। पुलिस की इस कार्रवाई से नकली शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है।
