मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की बड़ी हार के बाद बुधवार को अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भारत और तुर्की की कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं.
मंत्रालय ने चेतावनी दी कि वह ईरानी शासन का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखेगा.
ये प्रतिबंध ट्रंप प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का हिस्सा हैं. इस अभियान का मक़सद ईरान को तेल बेचकर पैसे जुटाने से रोकना है.
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को वित्त मंत्रालय के फ़ैसले को साझा करते हुए एक्स पर लिखा, “जैसा कि हमने कई बार कहा है, ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत या तो आप हमारे साथ हैं या हमारे ख़िलाफ़ हैं. हमें पता है कि आप कहां हैं. ईरानी शासन का समर्थन जारी रखने वालों के ख़िलाफ़ हम बैन लगाएंगे, चाहे वे जमीन, समुद्र या हवाई मार्ग से ऐसा कर रहे हों.”
मंत्रालय के फ़ैसले में कहा गया है, “आज ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भारत स्थित सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद के बड़े आपराधिक नेटवर्क को निशाना बनाया. यह नेटवर्क ईरान के शैडो फ्लीट को मदद पहुंचा रहा था.”
प्रतिबंधों की लिस्ट में अश्वनी कुमार धीमान (चंडीगढ़) और इश्विंदर सिंह (चंडीगढ़) का नाम है.
इसके अलावा एलेक्सार्या मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, आर्यावर्त मैरीटाइम एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, एलेक्सार्या फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड, आर्यावर्त शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (चंडीगढ़) इस्वातिनी मैरीटाइम अफेयर्स एंड इंटरनेशनल शिप रजिस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड (सिंगापुर), फ्यूगो ग्राउंड सर्विसेज इंक. (तुर्की), ओशेनिक टेक्नोलॉजीज इंडिया (चंडीगढ़), पॉलिनेशिया मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड (चंडीगढ़), प्रिसेप्ट ट्रेंड्स प्राइवेट लिमिटेड (चंडीगढ़) और विहारा बोटिंग प्राइवेट लिमिटेड (केरल) कंपनियों पर बैन लगाया गया है.
“इस नेटवर्क की योजनाओं के तहत प्रतिबंधित जहाज़ों को फ़र्ज़ी झंडे और फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए गए. इन जहाज़ों का इस्तेमाल ईरानी पेट्रोलियम के परिवहन में किया जा रहा था. इनमें वे जहाज़ भी शामिल थे, जो ईरानी सेना और उसके सहयोगी संगठनों की ओर से काम कर रहे थे.”
ग़ौरतल है कि मंगलवार को हुए मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक हार हुई है और दोनों सदनों में उसका बहुमत नहीं रहा. अबतक आए नतीजों के मुताबिक़, हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत हो गया है.
