ईडी की टीमों गुरुवार को पीसीसी कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और करीबियों रिश्तेदारों के धमतरी रायपुर और दुर्ग स्थित आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर दबिश दी।
इनमें रामगोपाल के अनुपम नगर रायपुर, सिहावा रोड धमतरी स्थित निवास, उनके दो भतीजों प्रतीक अग्रवाल के धमतरी, अनूप अग्रवाल के रवि नगर रायपुर, दुर्ग में बिल्डर सजल जैन और एक अन्य विश्वास गुप्ता के घर आफिसों में आज सुबह से सर्च अभियान शुरू किया। अनूप अग्रवाल, जीडी लाजिस्टिक्स के संचालक और एक वरिष्ठ डाक्टर के भाई बताए गए हैं। इन सभी ठिकानों में दोपहर बाद तक छानबीन, परिजनों से पूछताछ जारी थी।
वहीं घर के बाहर सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। यह जांच शराब, कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिग मामले में चल रही है। चर्चा यह भी है कि ईडी, रामगोपाल के अन्य बिजनेस पार्टनर के यहां भी जांच कर रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
इसी मामले में अग्रवाल पहले, ईओडब्ल्यू और ईडी की गिरफ्त में आने के बाद रायपुर जेल में पर हैं। ईडी देर शाम तक इस रेड पर अधिकृत बयान जारी कर सकती हैं।
बता दें कि ईडी ने पिछले दिनों एक बयान जारी कर 3200 करोड़ के शराब घोटाले , कोल लेवी वसूली मनी लॉन्ड्रिग, डीएमएफ और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में रामगोपाल की भूमिका का खुलासा किया था।
विरोध में प्रदर्शन भी
इस बीच ईडी की इस दबिश के विरोध में धमतरी विधायक ओमकार साहू के नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेसियों ने रामगोपाल के घर के बाहर प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। इनमें कांग्रेस संचार विभाग के पूर्व अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी भी हैं।

