संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच संवाद की पहल तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बैठक करीब 50 मिनट तक चली, जिसमें संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं।
दूसरी ओर, संसद परिसर में विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। समाजवादी पार्टी के सांसद इस दौरान नए अंदाज में लाल रंग की कैप पहनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्ष लगातार सरकार से संसद में चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
विपक्ष ने सरकार से चर्चा की मांग दोहराई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले और अन्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों सदनों में आकर इन मुद्दों पर बयान दें और चर्चा में हिस्सा लें। उनका कहना है कि संसद में संवाद से ही गतिरोध का समाधान निकल सकता है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है और उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग की।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने प्रदर्शन के दौरान ई-20 ईंधन को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि ईंधन नीति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए, क्योंकि इसका असर आम लोगों और वाहनों पर पड़ रहा है। विपक्ष ने इन सभी विषयों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग दोहराई।
