रायपुर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर की सड़कों पर अव्यवस्थित तरीके से चल रहे ऑटो और ई-रिक्शा को अब नियमों के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए 19 मई से विशेष डिजिटल पंजीयन अभियान शुरू किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के तहत सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन कराना होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीयन वाले वाहनों को शहर की सड़कों पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना और यातायात व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाना है।
पंजीयन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए क्यूआर कोड आधारित सिस्टम लागू किया गया है। चालक क्यूआर कोड स्कैन कर अपने वाहन और व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद वाहनों को अलग-अलग जोन में बांटकर संचालन कराया जाएगा, जिससे शहर में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण मिल सकेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि यात्रियों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिल पाएगी।
डिजिटल डेटा से होगा बेहतर नियंत्रण और निगरानी
पंजीयन पूरा होने के बाद सभी ऑटो और ई रिक्शा का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। इससे-
- रूट का निर्धारण आसान होगा
- जोनवार संचालन में अनुशासन आएगा
- अवैध वाहनों की पहचान तुरंत हो सकेगी
- ट्रैफिक पुलिस को रियल-टाइम मॉनिटरिंग में मदद मिलेगी
इस व्यवस्था के बाद शहर की यातायात प्रणाली में स्पष्ट सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
