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नई शिक्षा नीति सिलेबस अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंचा, शिक्षक क्या पढ़ाएंगे

नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद भी सरकारी स्कूलों में सिलेबस नहीं पहुंचने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति तो लागू कर दी गई है।

एनसीईआरटी के सिलेबस को सरकारी स्कूल में पढ़ाना है, लेकिन शिक्षा विभाग ने एनसीईआरटी के सिलेबस को सरकारी स्कूल तक पहुंचाया ही नहीं है। शिक्षक और 11वीं और 12वीं के छात्र नये सिलेबस का इंतजार कर रहे हैं, नया सिलेबस नहीं मिलने के कारण शिक्षक अंदाजन निजी प्रकाशको के पुस्तक से बच्चों को पढ़ा रहे हैं, निजी प्रकाशको के पुस्तक नई सिलेबस नीति के तहत ही है, इसकी प्रामाणिकता नहीं है। ऐसे में सरकार का शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने प्रयास करने का दावा सिर्फ हवा हवाई है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जब नई शिक्षा नीति लागू की गई है और एनसीईआरटी के सिलेबस को ही पढ़ना है, तो ऐसे में एससीईआरटी के सिलेबस के अनुसार 11वीं एवं 12वीं की पुस्तकों की छपाई करवाना था। सरकारी स्कूल में पुस्तकों का वितरण करना था, जो अब तक नही हुआ है।

शिक्षा विभाग शिक्षकों के ऊपर नई शिक्षा नीति के तहत मासिक परीक्षा लेने का दबाव बना रही है। जबकि नई शिक्षा की पॉलिसी अब तक उन तक पहुंची नहीं है। बच्चे उसे दिशा में पढ़ाई नहीं किए हैं, फिर मासिक परीक्षा कैसे होगा। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता कैसे सुधरेगा बिना सिलेबस के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि युक्ति उपकरण के चलते वैसे भी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी स्कूलों में है, उसे पर नई शिक्षा नीति को लागू करने का दबाव और शिक्षा नीति सरकारी स्कूल में नहीं पहुंचाना तो बच्चे पढ़ेंगे क्या? सरकार सिर्फ हवा हवाई बात कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को जर्जर करके बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहिए।

धनंजय सिंह ठाकुर
वरिष्ठ प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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