छत्तीसगढ़

जर्जर सड़कों और खराब ट्रैफिक पर हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश का रोडमैप मांगा

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। इसमें शासन की ओर से बताया गया कि सड़कों की डिज़ाइनिंग और सुरक्षा मॉड्यूल पर एनआईटी रायपुर की विस्तृत एडवाइजरी रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर मिल जाएगी। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के सचिव से शपथ-पत्र के साथ विस्तृत जवाब अगली सुनवाई तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब हालत को लेकर हाईकोर्ट में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। पहले भी कोर्ट ने रायपुर की धनेली से सड्डू और जोरा तक बनने वाली सड़क के धीमे काम पर कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि छह महीने बाद भी कार्य अधूरा है, आखिर इतना समय क्यों लग रहा है? इसी तरह सेंदरी बायपास की स्थिति पर भी हाईकोर्ट पहले सवाल उठा चुका है।

सरकार ने बताया कि प्रदेश में कई जगह सड़कें जर्जर हैं और ट्रैफिक सिस्टम भी अव्यवस्थित है। इस पूरी स्थिति को सुधारने के लिए एनआईटी रायपुर से सलाह मांगी गई है।

शासन ने कहा कि दो सप्ताह में पूरी रिपोर्ट प्राप्त होगी और रिपोर्ट के आधार पर पूरे प्रदेश में सड़क सुधार और ट्रैफिक मैनेजमेंट की नई योजना लागू होगी। इस पर चीफ जस्टिस ने तंज कसा कि एक-दो साल में तो रिपोर्ट आ जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट कमिश्नरों ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश में अभी भी कई जगहों पर सड़कें बेहद खराब हालत में हैं।

लोक निर्माण विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में बताना होगा कि राज्य में खराब सड़कों को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, किन स्थानों पर तत्काल सुधार की जरूरत है और आने वाले समय में रोड नेटवर्क को बेहतर बनाने की क्या योजना है।

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