रायपुर के कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास कपड़ा व्यवसायी से हुई 53 लाख रुपये की उठाईगिरी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 53 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। हैरानी की बात यह है कि चोरी की रकम गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाकर रखी गई थी।
घटना 9 अक्टूबर की है। शैलेन्द्र नगर निवासी कपड़ा व्यवसायी किशोर बलवानी अपनी एक्टिवा के सामने रखे कपड़े के बैग में नकदी लेकर दुकान जा रहे थे। कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास वे पान खाने रुके, तभी अज्ञात आरोपी एक्टिवा से नकदी भरा बैग लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और घटनास्थल सहित भागने के संभावित रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी करीब एक सप्ताह से व्यवसायी की रेकी कर रहे थे। वारदात के बाद पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदले और सीसीटीवी से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर 53 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। चोरी की रकम के कुछ हिस्से को जमा करने वाले तीन बैंक खातों को भी फ्रीज कराया गया है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 54 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मनीष यदु के खिलाफ पहले भी मारपीट और जुआ एक्ट के मामले दर्ज रहे हैं, जबकि कमलेश कुशवाहा भी मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। लाखों रुपये की इस उठाईगिरी का खुलासा सीसीटीवी फुटेज के बारीकी से विश्लेषण और तकनीकी जांच के जरिए हुआ।
