ठंडा, गर्म, खट्टा या मीठा खाते ही दांतों में होने वाली तेज झनझनाहट और चुभन से परेशान मरीजों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में किए गए नवीनतम शोध में डेंटल हाइपरसेंसिटिविटी के इलाज की ऐसी किफायती विधि खोजी गई है, जो लेजर जैसी आधुनिक और महंगी तकनीकों की तुलना में सस्ती होने के साथ-साथ अधिक प्रभावी भी साबित हुई है। इस नई विधि के आने से अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को मंहगे उपचार से बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
बिना नुकसान की विधियों का सफल परीक्षण
इस समस्या के समाधान के लिए महाविद्यालय के कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुंहप्पन के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर छात्रों ने एक विस्तृत शोध किया। इसमें दांतों को बिना नुकसान पहुंचाए विभिन्न संरक्षित उपचार विधियों का परीक्षण किया गया।
लेजर तकनीक से बेहतर और किफायती नतीजे
माइक्रोस्कोपिक अध्ययन के दौरान यह महत्वपूर्ण बात सामने आई कि एमआई वार्निश ने डेंटिन के सूक्ष्म छिद्रों को बंद करने में लेजर और अन्य विधियों की तुलना में कहीं बेहतर परिणाम दिए हैं। सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके उपयोग के लिए महंगे लेजर उपकरणों की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे यह उपचार आम जनता की पहुंच में आ जाता है।
