फिलिस्तीन को अलग राष्ट्र के तौर पर 180 से अधिक देशों की मान्यता मिलने पर नाराज अमेरिका और इसराइल
अमेरिका ने फिलिस्तीन पर बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रपति महमूद अब्बास और शीर्ष अधिकारियों के वीजा रद्द कर दिए हैं। न्यूयॉर्क में होने वाली यूएन जनरल एसेंबली (UNGA) की बैठक में शामिल होने के लिए फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल को एंट्री से रोक दिया गया है।
अमेरिका का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों के मद्देनज़र उठाया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति अब्बास को वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़ने की अनुमति दे दी गई है।
हाल ही में भारत ने यूएन में फिलिस्तीन को अलग राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने के पक्ष में मतदान किया था। इस प्रस्ताव को 180 से अधिक देशों का समर्थन मिला था।
यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने ऐसा कदम उठाया हो। साल 1988 में भी वॉशिंगटन ने फिलिस्तीन के नेता यासिर अराफात को वीजा देने से इंकार कर दिया था। उस समय मजबूरी में जिनेवा में UNGA का विशेष सत्र बुलाया गया था, ताकि अराफात उसमें शामिल हो सकें।
