बिलासपुर। मारपीट और जान से मारने की धमकी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज न करने के मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पेंड्रारोड ने पेंड्रा थाना में पदस्थ रहे तात्कालिक थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 166(क) एवं 166(ख) के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश अधिवक्ता कैलाश राठौर द्वारा दायर परिवाद की सुनवाई के बाद पारित किया गया।
न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं तथ्यों के अनुसार, मई 2023 में भूमि सीमांकन के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। दिलीप कुमार साहू के भाई की भूमि का सीमांकन किया जा रहा था, जिसमें दिलीप कुमार साहू एवं पंकज तिवारी मौके पर मौजूद थे।
इसी दौरान आरोप है कि पंकज तिवारी ने दिलीप कुमार साहू के साथ मां-बहन की अश्लील गाली-गलौज करते हुए उनके बाएं कान के पास जोरदार थप्पड़ मारा। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा इनोवा वाहन से रॉड निकालकर जान से मारने तथा गाड़ देने की धमकी भी दी गई। घटना के तुरंत बाद दिलीप कुमार साहू ने पेंड्रा थाना पहुंचकर तात्कालिक थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और लिखित शिकायत प्रस्तुत की।
इसके बावजूद न तो आरोपी पंकज तिवारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा जानबूझकर मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। परिवाद के अनुसार, यह कृत्य लोक सेवक द्वारा विधि के अधीन दिए गए दायित्वों और निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है।
पीड़ित पक्ष ने एक मई 2023 को थाना पेंड्रा में शिकायत देने के बाद तीन मई 2023 को अधिवक्ता संघ पेंड्रारोड के माध्यम से पुलिस अधीक्षक, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को भी लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर राहत न मिलने के बाद दिलीप कुमार साहू ने अपने अधिवक्ता कैलाश राठौर के माध्यम से न्यायालय पेंड्रारोड में परिवाद प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी पक्षों को सुना तथा प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके पश्चात न्यायालय ने प्रथम दृष्टया लोक सेवक द्वारा कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर तात्कालिक थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी के खिलाफ आइपीसी की धारा 166(क) एवं 166(ख) के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया।
